एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय की पीएचडी प्रवेश परीक्षा शांतिपूर्ण सम्पन्न, नियमों के अनुरूप हुआ आयोजन
श्रीनगर (गढ़वाल)। हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय द्वारा शैक्षणिक सत्र 2025-26 में विभिन्न विषयों के पीएचडी कार्यक्रमों में प्रवेश हेतु 12 जुलाई को आयोजित प्रवेश परीक्षा चार परीक्षा केन्द्रों श्रीनगर (चौरास परिसर), टिहरी, देहरादून एवं दिल्ली में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। विश्वविद्यालय ने प्रवेश परीक्षा के संचालन के लिए पूर्व निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की थीं।
प्रत्येक परीक्षा केन्द्र पर केन्द्राध्यक्ष, सहायक केन्द्राध्यक्ष, पर्यवेक्षक, कक्ष निरीक्षक, नियंत्रण कक्ष के अधिकारी तथा सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई थी। प्रश्नपत्रों की गोपनीयता, अभ्यर्थियों की पहचान का सत्यापन तथा परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया गया। विश्वविद्यालय द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के अनुसार श्रीनगर (चौरास परिसर), टिहरी, देहरादून एवं दिल्ली स्थित सभी परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षा पूर्णतः शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं निष्पक्ष ढंग से सम्पन्न हुई तथा कहीं से भी किसी प्रकार की अनियमितता अथवा शिकायत प्राप्त नहीं हुई।
चौरास परिसर स्थित परीक्षा केन्द्र पर परीक्षा के दौरान कुछ समय के लिए विद्युत आपूर्ति बाधित हुई, किन्तु उपलब्ध वैकल्पिक व्यवस्थाओं के कारण परीक्षा संचालन पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा। इसी दौरान लगभग दोपहर 12रू30 बजे एक अभ्यर्थी ने स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए परीक्षा कक्ष छोड़ने की अनुमति का अनुरोध किया। मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए केन्द्र व्यवस्थापक द्वारा नियमानुसार संबंधित अभ्यर्थी की प्रश्न-पुस्तिका एवं ओएमआर उत्तर-पत्रक परीक्षा केन्द्र में सुरक्षित जमा कराकर उसे परीक्षा कक्ष से बाहर जाने की अनुमति प्रदान की गई।
कुछ समय पश्चात उक्त अभ्यर्थी ने पुनः परीक्षा कक्ष में प्रवेश कर परीक्षा में सम्मिलित होने का अनुरोध किया। परीक्षा नियमावली के अनुसार एक बार परीक्षा कक्ष छोड़ने के बाद पुनः प्रवेश का कोई प्रावधान नहीं होने के कारण उसे अनुमति प्रदान नहीं की गई। सूत्रों के अनुसार पुनः प्रवेश की अनुमति न मिलने पर संबंधित अभ्यर्थी ने परीक्षा केन्द्र के बाहर विरोध प्रदर्शन किया तथा कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर हंगामा करने का प्रयास किया। स्थिति को परीक्षा अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों ने अत्यंत संयम एवं प्रशासनिक दक्षता के साथ नियंत्रित किया।
आवश्यकतानुसार स्थानीय पुलिस प्रशासन की सहायता ली गई, जिसके उपरांत स्थिति सामान्य हो गई तथा परीक्षा की शेष कार्यवाही बिना किसी व्यवधान के निर्धारित समय पर सम्पन्न कराई गई। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि संपूर्ण परीक्षा सभी केंद्रों पर शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न परीक्षा केन्द्रों से प्राप्त ओएमआर शीटों को 24×7 सीसीटीवी निगरानी में सुरक्षित रखा गया है।
पीएचडी प्रवेश परीक्षा की अंतिम उत्तर कुंजी भी विश्वविद्यालय द्वारा जारी कर दी गई है। अंतिम उत्तर कुंजी के संबंध में किसी भी अभ्यर्थी को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह 14 जुलाई से 15 जुलाई, 2026 तक निर्धारित ई-मेल आईडी पर संबंधित साक्ष्यों सहित अपनी आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है।
पीएचडी प्रवेश परीक्षा के समन्वयक डॉ. प्रीतम सिंह नेगी ने बताया कि कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एवं समाचार माध्यमों पर घटना को तथ्यों से इतर प्रस्तुत किया गया है, जबकि उपलब्ध अभिलेखों एवं विश्वविद्यालय द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के अनुसार परीक्षा की संपूर्ण प्रक्रिया विश्वविद्यालय के निर्धारित नियमों के अनुरूप सम्पन्न हुई तथा परीक्षा की निष्पक्षता, गोपनीयता एवं पारदर्शिता किसी भी स्तर पर प्रभावित नहीं हुई।
उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया एवं समाचार माध्यमों के माध्यम से प्राप्त सूचनाओं के क्रम में माननीय कुलपति महोदय द्वारा विश्वविद्यालय स्तर पर एक जांच समिति का गठन किया गया है, जिसकी अधिसूचना कुलसचिव द्वारा जारी कर दी गई है। समिति आगामी एक-दो दिनों में अपनी जांच रिपोर्ट माननीय कुलपति को प्रस्तुत करेगी, जिसके आधार पर आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।
