यूपीईएस-एसजीआरआर समझौते से स्वास्थ्य शिक्षा में आएगी एआई क्रांति
देहरादून: UPES और Shri Guru Ram Rai University के बीच स्वास्थ्य शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार को नई दिशा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस सहयोग के माध्यम से दोनों संस्थान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित स्वास्थ्य शिक्षा, ट्रांसलेशनल रिसर्च, उद्योग-उन्मुख शिक्षण और अनुभवात्मक शिक्षा को बढ़ावा देंगे।
यह साझेदारी छात्रों और शिक्षकों को साझा शैक्षणिक विशेषज्ञता, आधुनिक प्रयोगशाला अधोसंरचना, क्लिनिकल सुविधाओं और अनुसंधान अवसरों का लाभ प्रदान करेगी। एमओयू के अंतर्गत संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं, फैकल्टी एवं छात्र विनिमय कार्यक्रम, इंटर्नशिप, क्लिनिकल प्रशिक्षण, कार्यशालाएं और सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। साथ ही स्वास्थ्य सेवा से जुड़े आंकड़ों तक अनुसंधान उद्देश्यों के लिए पहुंच भी सुनिश्चित की जाएगी।
एसजीआरआर विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित Shri Mahant Indiresh Hospital, 1250 बेड वाला बहु-विशेषता तृतीयक चिकित्सा संस्थान है, जो उन्नत मरीज देखभाल, क्लिनिकल एक्सपोज़र और चिकित्सा अनुसंधान के लिए जाना जाता है। यह सहयोग छात्रों को वास्तविक स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान हेतु व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेगा।
यह पहल स्वास्थ्य विज्ञान, बायोमेडिकल इंजीनियरिंग, बायोटेक्नोलॉजी, बायोइन्फॉर्मेटिक्स, डेटा साइंस, मनोविज्ञान, पब्लिक हेल्थ और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को अंतर्विषयक एवं अनुप्रयोग-आधारित शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराएगी।
इस अवसर पर यूपीईएस के कुलपति Dr. Sunil Rai ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का भविष्य तकनीक, एआई और मरीज-केंद्रित नवाचार के समन्वय में निहित है। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी विद्यार्थियों को नवाचार और अनुसंधान आधारित शिक्षण के माध्यम से वास्तविक स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए तैयार करेगी।
वहीं एसजीआरआर विश्वविद्यालय के कुलपति Prof. (Dr.) K. Prathapan ने कहा कि यह सहयोग मेडिकल साइंस और तकनीकी शिक्षा के बीच सार्थक तालमेल स्थापित करेगा तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विकास, कौशल संवर्धन और सामुदायिक कल्याण में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
दोनों संस्थानों ने डिजिटल हेल्थ, प्रिसीजन मेडिसिन, हेल्थकेयर एनालिटिक्स और मेडिकल टेक्नोलॉजी इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में संयुक्त प्रयास विकसित करने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। एमओयू हस्ताक्षर समारोह में दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी, फैकल्टी सदस्य और प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को क्षेत्र में शैक्षणिक उत्कृष्टता और स्वास्थ्य सेवा नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
