वनाग्नि पर सख्त सरकार: धामी ने दिए बड़े फैसले, 1000 फॉरेस्ट गार्ड होंगे भर्ती
देहरादून। मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में वनाग्नि नियंत्रण, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं एवं मानसून तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए तथा वनाग्नि की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए रिस्पॉन्स टाइम न्यूनतम रखा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि आग लगने की सूचना मिलने के एक घंटे के भीतर संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचें।
मुख्यमंत्री ने वनाग्नि नियंत्रण के लिए शीतलखेत मॉडल को प्रदेशभर में लागू करने पर जोर देते हुए फायर लाइन के आसपास छोटी-छोटी तलैया बनाने, ठोस एक्शन प्लान तैयार करने तथा आग बुझाने वाले कार्मिकों को पर्याप्त उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने फॉरेस्ट गार्ड के एक हजार नए पदों पर नियुक्तियां करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम समितियों एवं वन पंचायतों को वनाग्नि रोकथाम के लिए नियमानुसार आवश्यक बजट उपलब्ध कराने को कहा। मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने वन विभाग के प्रत्येक डिवीजन में पशु चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने मोबाइल अलर्ट प्रणाली के माध्यम से वनाग्नि की सूचना तत्काल उपलब्ध कराने पर बल दिया।
ग्रीष्मकाल को देखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर में पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल टैंकरों की पर्याप्त व्यवस्था बनी रहे तथा क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों को शीघ्र सुचारू किया जाए। साथ ही मैदानी क्षेत्रों, तीर्थाटन एवं पर्यटन स्थलों पर भी पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने और ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रभावी प्रयास करने को कहा।
मानसून तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने जनपदों के प्रभारी सचिवों को अपने-अपने जिलों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी अस्पतालों का फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य रूप से कराने और अस्पतालों में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, गर्भवती महिलाओं का पूरा डाटा सुरक्षित रखने तथा मानसून के दौरान उन्हें अस्पताल तक पहुंचाने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
चारधाम यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्क्रीनिंग टेस्ट में स्वास्थ्य की दृष्टि से फिट न पाए जाने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा न करने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षित एवं सकुशल यात्रा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, प्रमुख वन संरक्षक रंजन मिश्रा, सचिव सचिन कुर्वे, सी. रविशंकर, रणवीर सिंह चौहान, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
