Sat. Oct 3rd, 2026

‘लोकतंत्र बचाओ–वोट बचाओ’ अभियान को लेकर इंडिया गठबंधन की संयुक्त प्रेस वार्ता

देहरादून। इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों की संयुक्त प्रेस वार्ता में 2 से 8 अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ–वोट बचाओ’ अभियान चलाने की घोषणा की गई। अभियान के तहत जिला, शहर, ब्लॉक और प्रखंड स्तर पर संयुक्त कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वक्ताओं ने मतदाता सूची से हटाए गए नामों की समीक्षा, पात्र मतदाताओं के नाम पुनः जोड़ने तथा चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर जवाबदेही की मांग उठाई।

वक्ताओं ने ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और उन्हें दी गई इम्यूनिटी पर सवाल उठाते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन तब तक संघर्ष जारी रखेगा, जब तक ज्ञानेश कुमार को कुर्सी से नहीं हटाया जाता, जवाब दे ही तय कर, प्रत्येक नागरिक का वोट सुरक्षित नहीं हो जाता। डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने अभियान की मुख्य रूपरेखा रखते हुए बताया कि 2 से 8 अक्टूबर तक लोकतंत्र और मतदाता अधिकारों को लेकर इंडिया गठबंधन के सभी घटक दल संयुक्त रूप से कार्यक्रम करेंगे।

उन्होंने 8 अक्टूबर को प्रस्तावित मार्च और विरोध कार्यक्रम की जानकारी भी दी। देहरादून में यह मार्च गांधी पार्क से निकाला जाएगा। लेखराज, राज्य सचिवालय सदस्य, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने कहा कि इंडिया गठबंधन के सभी घटक दल इस मुद्दे पर एकजुट रहेंगे और मिलकर संघर्ष करेंगे। उन्होंने मतदाता सूची से हटाए गए नामों पर आपत्ति जताते हुए ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग की और कहा कि जब मतदाताओं के अधिकारों पर सवाल उठ रहे हों, तब इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।

सुजाता पॉल, उपाध्यक्ष, उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कहा कि मतदाता के अधिकार पर कोई समझौता नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, “वोट के हत्यारों के खिलाफ जनता सड़क पर उतरेगी। संविधान का गला घोंटकर लोकतंत्र की हत्या नहीं होने दी जा सकती।” विक्रम सिंह पुन्डीर, जिला सचिव, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने कहा कि 8 अक्टूबर के कार्यक्रम में कांग्रेस सहित इंडिया गठबंधन के सभी सहयोगी दल शामिल होंगे।

उन्होंने कहा कि जिला, शहर और ब्लॉक स्तर पर संयुक्त कार्यक्रमों के माध्यम से आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। शीशपाल बिष्ट, कांग्रेस प्रवक्ता एवं इंडिया गठबंधन संयोजक ने ईसीआई-नेट (ECI-NET) सॉफ्टवेयर को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाली तकनीकी व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों पर चुनाव आयोग को स्पष्ट और सार्वजनिक जवाब देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जब निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर गंभीर आपत्तियां सामने आ रही हों, तब पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। इस प्रेस वार्ता में सीपीएम के राज्य समिति सदस्य हिमांशु चौहान और समाजवादी पार्टी की फहमीदा बानो भी मौजूद रहे। हेमा बोरा ने कहा कि इंडिया गठबंधन के सभी सहयोगी दल इस संघर्ष में साथ हैं और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संयुक्त रूप से आगे भी कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *