रीया को इंसाफ मिला तो भावुक हुए पिता, बोले—सच्चाई की आखिर जीत हुई
देहरादून। नीट पेपर लीक प्रकरण से जुड़ी छात्रा रिया की आत्महत्या मामले में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद उसके पिता राजेश मल्ल भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि यह किसी एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे देश के लाखों मेहनती छात्रों की जीत है, जो वर्षों से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग कर रहे हैं। राजेश मल्ल ने कहा कि उनकी बेटी अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उन्हें विश्वास है कि इस फैसले से उसकी आत्मा को शांति मिली होगी।
उन्होंने कहा कि जिन छात्रों ने पेपर लीक और भ्रष्ट परीक्षा व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाई, वे बधाई के पात्र हैं। यह संघर्ष केवल एक मामले का नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करने का है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र वर्षों तक कठिन परिश्रम करते हैं। यदि पेपर लीक जैसी घटनाओं से उनका भविष्य प्रभावित होता है तो वे मानसिक तनाव और निराशा का सामना करते हैं।
ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सरकार को कठोर और प्रभावी कानून लागू करने चाहिए। राजेश मल्ल ने केंद्र और राज्य सरकारों से परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र लीक जैसे मामलों में त्वरित जांच, कठोर दंड और तकनीकी निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि किसी भी छात्र का भविष्य लापरवाही या भ्रष्टाचार की भेंट न चढ़े।
उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का भरोसा बनाए रखना सरकार और संस्थाओं की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। यदि परीक्षाएं निष्पक्ष होंगी तो प्रतिभा को उसका वास्तविक सम्मान मिलेगा और छात्रों का आत्मविश्वास भी मजबूत होगा।
