विद्यार्थियों को जागरूकता से आगे बढ़ाकर व्यावहारिक अनुभव से जोड़ रहा क्लीन टू ग्रीन
नई दिल्ली: क्लीन टू ग्रीन सोसायटी
(सी2जी) (Clean to Green Society) ने अगस्त 2026 के दौरान दिल्ली, पुडुचेरी और गुरुग्राम के स्कूलों तथा उच्च शिक्षण संस्थानों में कई पर्यावरण शिक्षा और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इन पहलों के जरिए विद्यार्थियों को केवल पर्यावरण से जुड़े विषयों की जानकारी देने तक सीमित न रखते हुए उन्हें व्यावहारिक गतिविधियों से भी जोड़ा गया। ड्रॉइंग कॉम्पिटिशन और अवेयरनेस सेशंस से लेकर ई-वेस्ट कलेक्शन ड्राइव और एक सक्रिय वेस्ट मैनेजमेंट फैसिलिटी के एजुकेशनल विजिट तक, इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को यह समझाना था कि पर्यावरण संरक्षण केवल जानकारी का विषय नहीं, बल्कि रोजमर्रा के व्यवहार और जिम्मेदार फैसलों से जुड़ा है।
कार्यक्रमों में ई-वेस्ट मैनेजमेंट, वेस्ट सेग्रिगेशन, रिसाइक्लिंग, रिस्पॉन्सिबल डिस्पोजल, रिसोर्स कंजर्वेशन और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे विषयों पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 13 अगस्त को दिल्ली के सेक्टर 7, रोहिणी स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में एक ड्रॉइंग कॉम्पिटिशन आयोजित किया गया। विद्यार्थियों ने अपनी चित्रकला के माध्यम से राष्ट्रीय जिम्मेदारी, पर्यावरण संरक्षण, जिम्मेदार वेस्ट मैनेजमेंट और स्वच्छ एवं हरित भारत की परिकल्पना को प्रस्तुत किया। इस गतिविधि के जरिए यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी भी जिम्मेदार नागरिकता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इसके एक दिन पहले, 12 अगस्त को पुडुचेरी के सोसाइट प्रोग्रेसिस्ट गवर्नमेंट एडेड हाई स्कूल में ट्रेनिंग एंड अवेयरनेस सेशन आयोजित किया गया। विद्यार्थियों को ई-वेस्ट मैनेजमेंट, वेस्ट सेग्रिगेशन, रिसाइक्लिंग और रिस्पॉन्सिबल डिस्पोजल से जुड़ी जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें बताया गया कि अपनी रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर वे पर्यावरण संरक्षण में किस तरह योगदान दे सकते हैं। दिल्ली के गवर्नमेंट को-एड सेकेंडरी स्कूल, ब्लॉक 2, गीता कॉलोनी में भी 13 अगस्त को एक ट्रेनिंग एंड अवेयरनेस सेशन आयोजित किया गया। विद्यार्थियों को ई-वेस्ट के सही मैनेजमेंट, सेग्रिगेशन, रिसाइक्लिंग और जिम्मेदार डिस्पोजल के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।
उन्हें इन आदतों को स्कूल तक सीमित न रखकर अपने घरों और आसपास के लोगों तक पहुंचाने के लिए भी प्रेरित किया गया, ताकि वे अपने समुदायों में सस्टेनेबिलिटी एम्बेसडर की भूमिका निभा सकें। जागरूकता को सीधे व्यावहारिक कार्रवाई से जोड़ते हुए क्लीन टू ग्रीन ने 11 अगस्त को गुरुग्राम स्थित आईसीएफएआई बिजनेस स्कूल (आईबीएस) में ट्रेनिंग एंड अवेयरनेस सेशन के साथ ई-वेस्ट कलेक्शन ड्राइव का आयोजन किया। विद्यार्थियों को ई-वेस्ट के जिम्मेदार मैनेजमेंट, सेग्रिगेशन, रिसाइक्लिंग, सर्कुलर इकोनॉमी और उपयोग की अवधि पूरी कर चुके इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स के सुरक्षित डिस्पोजल के बारे में जानकारी दी गई।
कलेक्शन ड्राइव ने विद्यार्थियों को सेशन में सीखी गई बातों को उसी समय व्यवहार में उतारने का अवसर दिया। बिजनेस स्कूल के विद्यार्थियों के साथ यह संवाद इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि इससे भविष्य के प्रोफेशनल्स और डिसीजन-मेकर्स को रिसोर्स एफिशिएंसी, रिस्पॉन्सिबल कंजम्पशन और सर्कुलैरिटी जैसे उन विषयों से परिचित कराया गया, जिनका महत्व व्यवसायों और संस्थानों के लिए लगातार बढ़ रहा है। अगस्त के कार्यक्रमों का एक प्रमुख आकर्षण 19 अगस्त को सलवान गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, राजेंद्र नगर, दिल्ली की 55 छात्राओं का आरएलजी मंडोली एग्रीगेशन सेंटर का एजुकेशनल विजिट रहा।
विजिट क्लीन टू ग्रीन पहल के तहत आयोजित
यह विजिट क्लीन टू ग्रीन पहल(Clean to Green Society) के तहत आयोजित किया गया। इस एक्सपीरिएंशियल लर्निंग प्रोग्राम के दौरान छात्राओं को एक सक्रिय वेस्ट मैनेजमेंट फैसिलिटी के कामकाज को करीब से देखने और समझने का अवसर मिला। उन्हें वेस्ट मैनेजमेंट की विभिन्न प्रक्रियाओं, जिनमें सेग्रिगेशन, सॉर्टिंग, हैंडलिंग, स्टोरेज और एग्रीगेशन शामिल हैं, के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी गई। साथ ही यह भी समझाया गया कि कलेक्शन के बाद वेस्ट किस तरह आगे रिसाइक्लिंग प्रक्रिया तक पहुंचता है। यह कार्यक्रम “सी इट. अंडरस्टैंड इट. प्रैक्टिस इट.” लर्निंग अप्रोच पर आधारित था। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को सस्टेनेबिलिटी से जुड़े विषय केवल किताबों में पढ़ाने के बजाय उन्हें वास्तविक प्रक्रियाओं को देखकर समझने का अवसर देना था।
विजिट के दौरान ई-वेस्ट और बैटरी वेस्ट मैनेजमेंट, रिस्पॉन्सिबल कंजम्पशन और डिस्पोजल, रिसोर्स कंजर्वेशन तथा सर्कुलर इकोनॉमी थिंकिंग जैसे विषयों को भी समझाया गया। यह विजिट नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 में हैंड्स-ऑन, एक्सपीरिएंशियल और कॉम्पिटेंसी-बेस्ड लर्निंग पर दिए गए जोर के अनुरूप भी था। इससे विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि पर्यावरण से जुड़े विषय और अवधारणाएं वास्तविक जीवन में किस तरह काम करती हैं।
क्लीन टू ग्रीन सोसायटी(Clean to Green Society) की प्रेसिडेंट, सुश्री राधिका कालिया ने कहा, “पर्यावरण के प्रति जागरूकता तभी वास्तव में उपयोगी बनती है, जब वह हमारे व्यवहार और फैसलों में दिखाई दे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से हमारा प्रयास युवाओं को यह समझाना है कि सस्टेनेबिलिटी क्यों जरूरी है और वेस्ट सेग्रिगेशन, रिस्पॉन्सिबल डिस्पोजल, रिसाइक्लिंग तथा रिसोर्स कंजर्वेशन को रोजमर्रा के जीवन में कैसे अपनाया जा सकता है। स्कूल और शिक्षण संस्थान बच्चों में कम उम्र से ही जिम्मेदार आदतें विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जब विद्यार्थी इन सीखों को अपने घर और समुदाय तक लेकर जाते हैं, तो इनका प्रभाव कक्षा से कहीं आगे तक पहुंचता है। क्लीन टू ग्रीन सोसायटी में हमारा प्रयास ऐसे अवसर उपलब्ध कराना है, जिनके माध्यम से युवा अधिक जिम्मेदार और सर्कुलर भविष्य को न केवल समझें, बल्कि उसके निर्माण में अपनी भूमिका भी निभाएं।”
क्लीन टू ग्रीन सोसायटी(Clean to Green Society)
क्लीन टू ग्रीन सोसायटी
(सी2जी) एक पर्पज-लेड नॉन-प्रॉफिट ऑर्गनाइजेशन है, जो देशभर में पर्यावरण जागरूकता, जिम्मेदार रिसोर्स मैनेजमेंट और सर्कुलर इकोनॉमी में भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए काम करता है। वर्ष 2017 में शुरू हुई सी2जी की गतिविधियां अवेयरनेस और बिहेवियर चेंज, रिस्पॉन्सिबल कलेक्शन और रिसाइक्लिंग-लिंक्ड एंगेजमेंट, सीएसआर प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन, रिसर्च, एडवाइजरी, इम्पैक्ट असेसमेंट और इंस्टीट्यूशनल पार्टनरशिप्स जैसे क्षेत्रों तक फैली हैं।
इसके(Clean to Green Society) कार्यों में इन्फॉर्मेशन, एजुकेशन एंड कम्युनिकेशन प्रोग्राम्स, कलेक्शन-लिंक्ड इनिशिएटिव्स, सीएसआर प्रोग्राम डिजाइन और इम्प्लीमेंटेशन, रिसर्च और नॉलेज डेवलपमेंट, मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन, सोशल और एनवायरनमेंटल इम्पैक्ट असेसमेंट, स्टेकहोल्डर एंगेजमेंट तथा सस्टेनेबिलिटी लर्निंग रिसोर्सेज शामिल हैं। अपनी शुरुआत से अब तक सी2जी 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के 152 से अधिक शहरों में 9,116 से अधिक गतिविधियों के माध्यम से 50 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच बना चुका है। इसके अलावा इसकी अबव-द-लाइन मीडिया रीच 5 करोड़ से अधिक रही है।
