उत्तराखंड में श्री श्री वेलबीइंग सेंटर की शुरुआत, नवितल्या वेलनेस स्टूडियो का उद्घाटन
देहरादून। पहाड़ों की गोद में बसा एक ऐसा शहर है, जहाँ की हवा, वातावरण और जीवन की रफ्तार हमेशा से सुकून का एहसास कराती है। फिर भी शहर में एक ऐसी जगह की कमी महसूस होती थी, जहाँ लोग अपने व्यस्त जीवन से कुछ समय निकालकर स्वयं से जुड़ सकें, अपने शरीर और मन दोनों का संतुलित रूप से ख्याल रख सकें। अब यह कमी पूरी होने जा रही है। इसी सोच को साकार करते हुए देहरादून में नवितल्या वेलनेस स्टूडियो का शुभारंभ हो रहा है। इस उद्घाटन के साथ उत्तराखंड के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि भी जुड़ रही है। गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी की प्रेरणा से संचालित श्री श्री वेलबीइंग पहली बार उत्तराखंड में अपना केंद्र शुरू कर रहा है। यह पूरे भारत में संस्था का 20वाँ केंद्र होगा, जहाँ आधुनिक चिकित्सा और भारतीय पारंपरिक वेलनेस पद्धतियों का समन्वय देखने को मिलेगा।
नवितल्या की स्थापना प्रणय और रूपम ने की है, जिनका संबंध राजस्थान के राजघराने से है। पारंपरिक पारिवारिक व्यवस्था के माध्यम से दोनों का मिलन हुआ, लेकिन मिलने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि जीवन के प्रति उनकी सोच और उद्देश्य पहले से ही एक जैसे थे। दोनों अलग-अलग रास्तों पर चलकर भी एक ही मंज़िल की ओर बढ़ रहे थे—लोगों के जीवन में स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में। रूपम का अनुभव नृत्य और फिटनेस की दुनिया से जुड़ा है। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर स्पोर्ट्स एरोबिक्स में राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया है तथा अर्बन हिप-हॉप, कोरियोग्राफी, डांस फिटनेस और अन्य कई विधाओं में अपनी पहचान बनाई है। वे प्रमाणित डांस फिटनेस इंस्ट्रक्टर हैं तथा उनके पास 200 घंटे की योग टीचर ट्रेनिंग और 100 घंटे का प्री एवं पोस्टनेटल योग प्रशिक्षण भी है।
वहीं प्रणय एक प्रमाणित योग प्रशिक्षक हैं और आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के सक्रिय सदस्य के रूप में कई उन्नत योग एवं ध्यान पाठ्यक्रम पूरे कर चुके हैं। उनकी साधना प्राणायाम, ध्यान और सचेत जीवन शैली पर आधारित है। उनके साथ अभ्यास करने वाले लोग बताते हैं कि उनकी कक्षाओं में एक अलग ही शांति और स्थिरता का अनुभव होता है। प्रणय और रूपम का मानना है कि योग और नृत्य दोनों ही व्यक्ति को वर्तमान क्षण में जीना सिखाते हैं। उनका कहना है कि जब वे मिले तो ऐसा लगा मानो दो नदियाँ एक होकर एक नई धारा बन गई हों। यही भावना नवितल्या की नींव है, जहाँ हर व्यक्ति, हर शरीर और हर जीवन यात्रा का सम्मान किया जाता है। नवितल्या में योग, ध्यान, डांस फिटनेस, पिलाटेस, एरियल पिलाटेस, आयुर्वेदिक थेरेपी, फिजियोथेरेपी, ऑस्टियोपैथी तथा तिब्बती सिंगिंग बाउल्स द्वारा साउंड हीलिंग जैसी अनेक सेवाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।
यहाँ प्राचीन भारतीय परंपराओं और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान का समन्वय किया गया है तथा प्रत्येक व्यक्ति की आवश्यकता के अनुसार व्यक्तिगत वेलनेस कार्यक्रम तैयार किए जाएँगे। नवितल्या की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके माध्यम से श्री श्री वेलबीइंग पहली बार उत्तराखंड में अपनी सेवाएँ शुरू कर रहा है। देशभर में अपनी 20 शाखाओं के माध्यम से लाखों लोगों को आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने वाली यह संस्था अब देहरादून में भी नाड़ी परीक्षा, पंचकर्म, शास्त्रीय आयुर्वेदिक चिकित्सा और ऑस्टियोपैथी जैसी सेवाएँ उपलब्ध कराएगी। सभी उपचार योग्य चिकित्सकों की देखरेख में व्यक्ति की स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुसार किए जाएँगे।नवितल्या केवल योग कक्षाओं या उपचार सेवाओं तक सीमित नहीं रहेगा।
यहाँ समय-समय पर वेलनेस वर्कशॉप, विशेषज्ञ सत्र और सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे, जिनका उद्देश्य लोगों को एक स्वस्थ, सकारात्मक और सहयोगी परिवार का हिस्सा बनाना है। संस्थापकों की इच्छा है कि यहाँ आने वाला प्रत्येक व्यक्ति केवल सदस्य नहीं, बल्कि एक परिवार का हिस्सा होने का अनुभव करे। उद्घाटन समारोह में शहर के प्रतिष्ठित अतिथि, स्वास्थ्य विशेषज्ञ और वेलनेस क्षेत्र की जानी-मानी हस्तियाँ उपस्थित रहेंगी। इस अवसर पर देहरादून के नागरिकों को स्टूडियो का भ्रमण करने, विशेषज्ञों से मिलने और नवितल्या की अनूठी वेलनेस अवधारणा को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।
