गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्री दरबार साहिब में गूंजे श्रद्धा के स्वर
देहरादून: गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज, श्री दरबार साहिब में अपार श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही उत्तराखंड सहित देश-विदेश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं एवं संगतों ने श्री गुरु राम राय जी महाराज के श्रीचरणों में श्रद्धा-सुमन अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे दरबार परिसर में भजन, कीर्तन, अरदास और गुरु स्मरण से वातावरण भक्तिमय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत रहा। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज के सज्जादे गद्दीनशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना एवं अरदास संपन्न कर संगतों को पावन दर्शन एवं आशीर्वाद प्रदान किया।
उन्होंने श्री गुरु राम राय जी महाराज का भावपूर्ण सिमरन करते हुए समस्त मानवता के सुख, शांति, समृद्धि एवं कल्याण की मंगलकामना की। श्रद्धालुओं ने श्री दरबार साहिब में मत्था टेककर गुरु कृपा प्राप्त की तथा श्री झंडे जी के समक्ष नतमस्तक होकर अपनी मनोकामनाएं अर्पित कीं। अपने प्रेरणादायी संदेश में श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने ब्रह्मलीन गुरु श्रीमहंत इन्दिरेश चरण दास जी महाराज का श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए कहा कि गुरु केवल ज्ञान के प्रदाता नहीं, बल्कि जीवन को सत्य, सेवा, करुणा और धर्म के पथ पर अग्रसर करने वाले दिव्य प्रकाश हैं। गुरु का सानिध्य मनुष्य के जीवन में संस्कार, सदाचार, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक चेतना का संचार करता है।
उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल गुरु पूजन का पर्व नहीं, बल्कि गुरु के आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प लेने का अवसर भी है। जब शिष्य श्रद्धा, समर्पण और निष्ठा के साथ गुरु के बताए मार्ग का अनुसरण करता है, तभी उसका जीवन सार्थक और सफल बनता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज को प्रेम, सद्भाव, संयम और सेवा की भावना की सबसे अधिक आवश्यकता है। गुरु की शिक्षाएं हमें स्वयं के उत्थान के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए समर्पित जीवन जीने की प्रेरणा देती हैं। श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने संगतों से गुरु वचनों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने तथा सेवा, परोपकार, मानवता और नैतिक मूल्यों के संवर्धन का संकल्प लेने का आह्वान किया। उनके ओजस्वी एवं आध्यात्मिक संदेश से उपस्थित संगतें भावविभोर हो उठीं।
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर पूरे श्री दरबार साहिब परिसर में श्रद्धा और भक्ति का अनुपम वातावरण बना रहा। कार्यक्रम के समापन पर विशेष लंगर प्रसाद का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण कर गुरु कृपा का पुण्य लाभ प्राप्त किया। गुरु महिमा, सेवा, समर्पण और आध्यात्मिक चेतना से परिपूर्ण यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय बन गया।
