Wed. Apr 15th, 2026

IMA की सुरक्षा को लेकर घिरी सरकार, कांग्रेस ने साधा जोरदार निशाना

देहरादून। भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) के संवेदनशील क्षेत्र के पास प्रस्तावित मॉल और रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स को लेकर उठे सुरक्षा सवालों पर उत्तराखंड कांग्रेस ने भाजपा सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेत्री गरिमा मेहरा दसौनी ने मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। दसौनी ने कहा कि भारतीय सैन्य अकादमी जैसे अति संवेदनशील संस्थान के निकट निर्माण कार्य को लेकर सेना की ओर से उठाई गई आपत्तियां बेहद गंभीर हैं, लेकिन इसके बावजूद राज्य सरकार की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रकरण भाजपा सरकार की नीतियों और नीयत दोनों को कटघरे में खड़ा करता है।

उन्होंने धौलास क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां करीब 20 एकड़ भूमि पर बन रही महादेव रेजिडेंसी को लेकर भाजपा नेताओं ने “मुस्लिम यूनिवर्सिटी” और “डेमोग्राफी चेंज” जैसे भ्रामक आरोप लगाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की थी, जबकि वह क्षेत्र IMA से लगभग 15 किलोमीटर दूर है। दसौनी के मुताबिक, अब IMA के अधिकारियों द्वारा राज्य प्रशासन और MDDA को लिखे गए पत्रों में स्पष्ट किया गया है कि पंडितवाड़ी क्षेत्र में IMA के नजदीक प्रस्तावित निर्माण सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है। रक्षा मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार 100 से 500 मीटर के दायरे में किसी भी निर्माण के लिए स्थानीय सैन्य प्राधिकरण (LMA) की अनुमति अनिवार्य होती है, लेकिन इस मामले में बिना एनओसी के ही परियोजना को मंजूरी दिए जाने का आरोप है।

उन्होंने कहा कि IMA ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि यह निर्माण संवेदनशील सैन्य प्रतिष्ठान की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। बार-बार आपत्ति के बावजूद न तो संतोषजनक जवाब दिया गया और न ही जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई हुई। कांग्रेस नेत्री ने सरकार से सवाल किया कि जो भाजपा 15 किलोमीटर दूर स्थित धौलास मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला दे रही थी, वह अब IMA के पास उत्पन्न वास्तविक खतरे पर चुप क्यों है। दसौनी ने मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए, बिना एनओसी दी गई सभी अनुमतियां तत्काल निरस्त की जाएं, IMA की आपत्तियों का समाधान कर सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि देश की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार को इस पर दोहरे मापदंड स्पष्ट करने होंगे।

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