सफलता के लिए अंक नहीं, संस्कार और चरित्र हैं जरूरी : बंशीधर तिवारी
देहरादून: डीजी सूचना एवं मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि जीवन में सफलता का वास्तविक आधार केवल परीक्षा के अंक या डिग्रियां नहीं, बल्कि सुदृढ़ चरित्र, नैतिक मूल्य और संस्कार हैं। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे ज्ञान, अनुशासन, ईमानदारी और सामाजिक उत्तरदायित्व को अपने व्यक्तित्व का अभिन्न हिस्सा बनाकर समग्र सफलता की ओर अग्रसर हों। वह एसबीएस यूनिवर्सिटी एवं द टाइम्स ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में नगर निगम टाउन हॉल ऑडिटोरियम, देहरादून में आयोजित ‘टाइम्स अचीवर्स-2026’ समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
अपने प्रेरणादायी संबोधन में श्री तिवारी ने कहा कि सफलता किसी एक दिन में प्राप्त होने वाली उपलब्धि नहीं है, बल्कि निरंतर परिश्रम, सीखने की जिज्ञासा, दृढ़ संकल्प और सकारात्मक जीवन मूल्यों का प्रतिफल होती है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक उत्कृष्टता महत्वपूर्ण है, लेकिन जीवन की वास्तविक सफलता तभी संभव है, जब व्यक्ति अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारियों का भी ईमानदारी से निर्वहन करे। उन्होंने विद्यार्थियों से परीक्षा परिणाम और डिग्रियों तक सीमित न रहने की अपील करते हुए कहा कि ईमानदारी, अनुशासन, धैर्य, संवेदनशीलता, विनम्रता और उद्देश्यपूर्ण जीवन जैसे गुण उन्हें भविष्य में बेहतर नागरिक और प्रभावी नेतृत्वकर्ता बनाएंगे।
उन्होंने कहा कि करियर में उपलब्धियां व्यक्ति को पहचान दिलाती हैं, लेकिन समाज और परिवार के प्रति सकारात्मक योगदान ही उसे वास्तविक सम्मान और संतुष्टि प्रदान करता है। डीजी सूचना ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में ऐसे युवाओं की आवश्यकता है, जो पेशेवर दक्षता के साथ नैतिक नेतृत्व, नवाचार और जिम्मेदार नागरिकता का परिचय दें। उन्होंने विद्यार्थियों को सफलता के प्रत्येक पड़ाव पर विनम्रता, कृतज्ञता और निरंतर सीखने की भावना बनाए रखने का संदेश दिया।
श्री तिवारी ने एसबीएस यूनिवर्सिटी एवं द टाइम्स ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित ‘टाइम्स अचीवर्स-2026’ की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान करने के साथ-साथ उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, उत्कृष्टता प्राप्त करने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का बोध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।समारोह में विभिन्न विद्यालयों के मेधावी विद्यार्थियों तथा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले संस्थानों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर शिक्षाविदों, संस्थान प्रमुखों, अभिभावकों एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
