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पारंपरिक पहाड़ी वास्तुकला की झलक के साथ तैयार होगा बागेश्वर का नया राज्य अतिथि गृह

देहरादून।  प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में आधुनिक आधारभूत सुविधाओं के विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। कुमाऊं मंडल के प्रवेश द्वार माने जाने वाले Bageshwar जिले में जल्द ही अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त ‘हिल हेरिटेज’ राज्य अतिथि गृह का निर्माण किया जाएगा। यह परियोजना प्रशासनिक जरूरतों के साथ-साथ पर्यटन और स्थानीय सांस्कृतिक पहचान को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।

सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में ग्राम टेलापालन, तहसील बागेश्वर स्थित 45 नाली भूमि पर प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह निर्माण की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पर विस्तार से चर्चा की गई। लगभग 17.52 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस परिसर को उत्तराखंड की पारंपरिक पहाड़ी वास्तुकला और आधुनिक सुविधाओं के समन्वय के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि भवन का स्वरूप ऐसा हो, जो पहाड़ की सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य को प्रतिबिंबित करे। उन्होंने कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि भवन का डिजाइन आकर्षक, पर्यावरण के अनुकूल तथा स्थानीय स्थापत्य कला पर आधारित हो। साथ ही दूसरे तल पर प्रस्तावित कमरों में आवश्यक बदलाव कर योजना को और अधिक उपयोगी बनाने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में यह भी तय किया गया कि अलग-अलग भवनों के निर्माण के बजाय सभी श्रेणी के अतिथि कक्ष, कॉन्फ्रेंस हॉल और अन्य सुविधाओं को एकीकृत भवन मॉडल के तहत विकसित किया जाए। इससे निर्माण लागत में संतुलन रहेगा, रखरखाव सुगम होगा और आगंतुकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। सचिव ने विद्युत कार्यों की अलग डीपीआर शीघ्र प्रस्तुत करने तथा संशोधित आगणन उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य अतिथि गृह बनने से बागेश्वर में प्रशासनिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। साथ ही जिले में आने वाले विशिष्ट अतिथियों, अधिकारियों और पर्यटकों को उच्चस्तरीय आवासीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे स्थानीय पर्यटन, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सोच है कि विकास की रोशनी प्रदेश के अंतिम छोर तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि बागेश्वर का प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह आधुनिक सुविधाओं, स्थानीय वास्तुकला और गुणवत्तापूर्ण निर्माण का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा। उनका कहना था कि यह परिसर केवल अतिथि आवास तक सीमित न रहकर प्रशासनिक बैठकों, सरकारी कार्यक्रमों और क्षेत्रीय विकास गतिविधियों का प्रमुख केंद्र भी बनेगा। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता, मितव्ययता और दीर्घकालिक उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि बागेश्वर को एक ऐसी आधुनिक सुविधा मिल सके जिस पर पूरा प्रदेश गर्व कर सके।

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