Tue. Jul 21st, 2026

बाबा बौखनाग धाम को धार्मिक पर्यटन स्थल का दर्जा, क्षेत्र में खुशी का माहौल

देहरादून। उत्तराखंड की देवभूमि में आस्था और आध्यात्मिक पर्यटन को नई दिशा देते हुए प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने बाबा बौखनाग की पवित्र तपोस्थली बौख टिब्बा (बौखनाग धाम) को धार्मिक पर्यटन स्थल घोषित करने की घोषणा की है। इस निर्णय से यमुना एवं गंगा घाटी के श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों में हर्ष का वातावरण है।

जानकारी के अनुसार, 18 जुलाई 2026 को बाबा बौखनाग धाम की डोली यात्रा के जनपद आगमन के अवसर पर श्री बाबा बौखनाग देव समिति के प्रतिनिधिमंडल ने पर्यटन मंत्री से भेंट कर सिलक्यारा सुरंग के ऊपर स्थित बाबा बौखनाग की तपोभूमि बौख टिब्बा को पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग रखी थी। मंत्री ने श्रद्धालुओं की भावना का सम्मान करते हुए तत्काल संज्ञान लिया और सचिव पर्यटन को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश जारी किए।

सतपाल महाराज ने कहा कि बाबा बौखनाग धाम केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि यमुना और गंगा घाटी की सनातन आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां प्रत्येक तीसरे वर्ष ‘सेम नाग राजा’ की परंपरा के अनुरूप भव्य एवं दिव्य त्रिवार्षिक राजकीय मेले का आयोजन होता है, जिसमें दूर-दूर से हजारों श्रद्धालु दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि वर्षभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक इस पवित्र तपोस्थली के दर्शन के लिए आते हैं।

धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से इस स्थान का विशेष महत्व है। इसी महत्व को देखते हुए इसे धार्मिक पर्यटन स्थल घोषित किया गया है, जिससे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और विकास के नए अवसर भी सृजित होंगे। क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं ने इस ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री का आभार व्यक्त किया और विश्वास जताया कि बौखनाग धाम अब प्रदेश के प्रमुख आध्यात्मिक एवं धार्मिक पर्यटन केंद्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *