रोबोटिक सर्जरी से 19 वर्षीय युवती को मिली नई जिंदगी
देहरादून। मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून के डॉक्टरों ने 19 वर्षीय युवती का अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीक से सफल किडनी ट्रांसप्लांट कर उसे नया जीवन दिया है। युवती पिछले करीब एक वर्ष से आनुवंशिक (जेनेटिक) कारणों से होने वाली क्रॉनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) से पीड़ित थी और उसकी दोनों किडनियां लगभग काम करना बंद कर चुकी थीं। इसके चलते वह नियमित डायलिसिस पर निर्भर थी।
स्थायी उपचार के लिए युवती ने मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का रुख किया, जहां विशेषज्ञों ने किडनी प्रत्यारोपण की सलाह दी। इस दौरान मां के त्याग और ममता की मिसाल पेश करते हुए 42 वर्षीय मां ने अपनी एक किडनी दान करने का निर्णय लिया। सभी आवश्यक चिकित्सीय जांच के बाद उनकी किडनी प्रत्यारोपण के लिए उपयुक्त पाई गई और ऑपरेशन की तैयारी शुरू की गई।
डॉक्टरों के अनुसार यह मामला चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि मरीज का वजन सामान्य से अधिक था। ऐसे मामलों में पारंपरिक ओपन सर्जरी के दौरान संक्रमण, अधिक दर्द और घाव भरने में अधिक समय लगने की आशंका रहती है। इन्हीं जोखिमों को कम करने के लिए विशेषज्ञों ने रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट तकनीक अपनाई। अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी सिस्टम की सहायता से छोटे-छोटे चीरे लगाकर प्रत्यारोपण किया गया।
इस तकनीक से सर्जरी अधिक सटीक रही, शरीर को कम नुकसान पहुंचा, दर्द भी अपेक्षाकृत कम हुआ और मरीज तेजी से स्वस्थ हो रही है। ट्रांसप्लांट पूरी तरह सफल रहा तथा मरीज की रिकवरी संतोषजनक बताई जा रही है। मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. दीपक गर्ग ने बताया कि रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट जटिल मामलों में उपचार का प्रभावी विकल्प बनकर उभर रहा है।
विशेष रूप से अधिक वजन वाले मरीजों और उच्च जोखिम वाले मामलों में यह तकनीक पारंपरिक सर्जरी की तुलना में अधिक सुरक्षित, सटीक और लाभकारी साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि प्रत्यारोपण के बाद मरीज को नियमित चिकित्सकीय निगरानी में रहना होगा। नई किडनी के बेहतर कार्य के लिए जीवनभर निर्धारित दवाइयों का सेवन, स्वस्थ जीवनशैली अपनाना तथा संक्रमण से बचाव संबंधी सभी सावधानियों का पालन आवश्यक रहेगा।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार यह सफल रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट उत्तराखंड में उन्नत ट्रांसप्लांट सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे प्रदेश और आसपास के राज्यों के मरीजों को विश्वस्तरीय रोबोटिक किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगी।
