राहुल गांधी मामले में FIR दर्ज होने पर कांग्रेस ने DGP से मांगा जवाब
देहरादून। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी कोतवाली में एससी/एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में दर्ज मुकदमे को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस ने पुलिस महानिदेशक पर सीधा हमला बोला है। कांग्रेस ने FIR को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित और झूठा करार देते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि मुकदमा वापस नहीं लिया गया और कथित तौर पर वास्तविक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेश कांग्रेस व्यापक आंदोलन शुरू करेगी।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं एआईसीसी सदस्य सूर्यकांत धस्माना ने पुलिस महानिदेशक कार्यालय पहुंचकर इस संबंध में ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में हल्द्वानी थाने में 30 अगस्त 2026 को अमित कुमार की शिकायत पर राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR संख्या 0297/2026 को निरस्त करने की मांग की गई है। कांग्रेस के अनुसार मुकदमे में एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(r)(s) तथा बीएनएस की धाराएं 196 और 299 लगाई गई हैं।
24 घंटे में FIR, पुराने मामले में कार्रवाई नहीं होने का आरोप
कांग्रेस के मुताबिक शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी ने 29 अगस्त को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान 11 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए कथित सफाई एवं धार्मिक अनुष्ठान को लेकर टिप्पणी की थी। कांग्रेस ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि पूरे मामले को राजनीतिक रंग देकर राहुल गांधी को निशाना बनाया जा रहा है।
धस्माना ने आरोप लगाया कि 8 अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कुछ हिंदूवादी संगठनों द्वारा हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कथित शुद्धिकरण किया गया था। कांग्रेस का दावा है कि इस घटना के वीडियो साक्ष्य मौजूद हैं और उसके बावजूद पुलिस ने अब तक संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया।
उन्होंने कहा कि एक ओर वीडियो साक्ष्य होने के बावजूद कथित शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, जबकि दूसरी ओर राहुल गांधी के खिलाफ 24 घंटे के भीतर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया गया। धस्माना ने इसे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल बताते हुए आरोप लगाया कि उत्तराखंड पुलिस सत्ता के दबाव में काम कर रही है।
कांग्रेस ने DGP के सामने रखीं तीन मांगें
कांग्रेस ने ज्ञापन के माध्यम से तीन प्रमुख मांगें उठाईं। इनमें राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR संख्या 0297/2026 की निष्पक्ष जांच कर उसे तत्काल निरस्त करना, 8 अगस्त को रामलीला मैदान में कथित शुद्धिकरण करने वाले गिरीश पाण्डेय एवं उनके साथियों के खिलाफ वीडियो साक्ष्य के आधार पर बीएनएस और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करना तथा शिकायतकर्ता अमित कुमार के राजनीतिक संबंधों की जांच कराए जाने की मांग शामिल है।
धस्माना ने कहा कि कांग्रेस किसी भी प्रकार की राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज कथित झूठी FIR निरस्त नहीं की गई और कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेश कांग्रेस प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी।
ज्ञापन देने वालों में प्रदेश गोरखा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अनिल बस्नेत, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय कॉर्डिनेटर पिया थापा, विजय शाही, घनश्याम वर्मा, राजेंद्र धवन, संतोष नैनवाल और अनिल शर्मा सहित कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
