Tue. Oct 20th, 2026

भ्रष्टाचार, नशे और महिला हिंसा के खिलाफ एकजुट हो समाज- सीएम धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउंड, में बन्नू बिरादरी की ओर से आयोजित दशहरा महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए सभी के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी का पर्व सत्य, धर्म और न्याय की विजय का प्रतीक है। भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, कर्तव्यनिष्ठा, संयम और आदर्श आचरण की प्रेरणा देता है।

970x250 (Middle)

मुख्यमंत्री ने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए बन्नू बिरादरी के पदाधिकारियों, सदस्यों और आयोजन समिति को बधाई दी। उन्होंने कहा कि दशहरा केवल रावण के पुतले के दहन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अपने भीतर मौजूद बुराइयों को समाप्त करने और आत्ममंथन करने का अवसर भी है। रावण के पास अपार संपत्ति, सामर्थ्य और विशाल सेना थी, लेकिन उसके अहंकार और मर्यादा के उल्लंघन ने उसके पतन का मार्ग प्रशस्त किया। इससे स्पष्ट होता है कि अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने जीवन में त्याग, मर्यादा और कर्तव्यपालन के जो आदर्श स्थापित किए, वे आज भी समाज का मार्गदर्शन करते हैं। पिता के वचन की रक्षा के लिए राजसुख का त्याग कर 14 वर्ष का वनवास स्वीकार करना उनके सिद्धांतों के प्रति अटूट निष्ठा का उदाहरण है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अहंकार, क्रोध, लोभ और नकारात्मक प्रवृत्तियों का त्याग कर सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने का संकल्प लेने की अपील की।

सामाजिक बुराइयों को दूर करने में जनभागीदारी जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार, अन्याय, नशे और महिलाओं के प्रति हिंसा जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है। राज्य सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक सौहार्द की रक्षा के साथ प्रदेश में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए व्यापक अभियान चलाया गया है, जिसके तहत 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया गया है। सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले दंगाइयों से क्षतिपूर्ति वसूलने के उद्देश्य से सख्त दंगारोधी कानून लागू किया गया है। वहीं, धर्म और आस्था के नाम पर लोगों को गुमराह करने तथा धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता को समानता और न्याय की भावना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। बच्चों में ज्ञान, नवाचार और तार्किक सोच विकसित कर उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। नकल जैसी अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां मिली हैं। सरकार का प्रयास है कि युवाओं को उनकी योग्यता, परिश्रम और प्रतिभा के आधार पर आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें।

सुशासन और जनकल्याण रामराज्य की मूल भावना

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का आधार पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता है। राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने के लिए काम कर रही है। प्रदेश की आर्थिक प्रगति के लिए निवेश, उद्यमिता और रोजगार के अवसरों का विस्तार किया जा रहा है। स्थानीय व्यापारियों, उद्यमियों तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों का राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान है।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरित रामराज्य की अवधारणा न्याय, सुशासन, समानता और जनकल्याण पर आधारित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। विकास के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान, आध्यात्मिक परंपराओं और प्राकृतिक विरासत का संरक्षण भी आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे विजयादशमी के पावन अवसर पर भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ऐसे उत्तराखंड का निर्माण किया जा सकता है, जहां प्रत्येक व्यक्ति को न्याय मिले, युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त हों, महिलाओं को सुरक्षित वातावरण मिले और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। यही विजयादशमी का वास्तविक संदेश है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, बन्नू बिरादरी के पदाधिकारी एवं सदस्य, आयोजन समिति के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *