धामी ने जिलाधिकारियों और एसएसपी के साथ की लंबी समीक्षा बैठक, विकास कार्यों में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के संकेत
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में देर रात तक प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों (डीएम) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) के साथ चार घंटे से अधिक समय तक मैराथन बैठक कर विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था, जनसुविधाओं, आपदा प्रबंधन और आगामी त्योहारों की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही, अनावश्यक देरी और गुणवत्ता से समझौता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकताओं को धरातल पर उतारना अधिकारियों की जिम्मेदारी है और लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को अपने-अपने जनपदों में नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण करने और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट तैयार करना नहीं, बल्कि जनता को उनका वास्तविक लाभ पहुंचाना होना चाहिए। अधिकारी कार्यालयों तक सीमित रहने के बजाय फील्ड में जाकर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें।
सड़क मरम्मत में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सड़कों की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए सभी जिलाधिकारियों को सड़कों का स्थलीय निरीक्षण कर गड्ढामुक्त अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जल्द ही स्वयं सड़क मार्ग से प्रदेश का दौरा करेंगे। यदि कहीं सड़क टूटी हुई मिली या मरम्मत कार्य में लापरवाही सामने आई तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा कराने और गुणवत्ता की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।
एक नवंबर तक पूरे हों पाइपलाइन के अधूरे कार्य
सीवर और पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अधूरे कार्य एक नवंबर तक पूरे किए जाएं और खोदी गई सड़कों की तत्काल मरम्मत कराई जाए। उन्होंने कहा कि सड़कों की खराब स्थिति के कारण आम जनता, व्यापारियों और यात्रियों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।
नगर निगमों, नगर पालिकाओं और अन्य नगरीय निकायों को स्वच्छता व्यवस्था प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थलों, बाजारों और प्रमुख मार्गों पर नियमित सफाई हो तथा कहीं भी कूड़ा-कचरा जमा न होने दिया जाए।
राजस्व मामलों का समयबद्ध निस्तारण हो
मुख्यमंत्री ने राजस्व मामलों में अनावश्यक देरी पर रोक लगाने के निर्देश देते हुए कहा कि पटवारी और तहसीलदार अपने स्तर पर मामलों का नियमानुसार और समयबद्ध निस्तारण करें। जनता को छोटे-छोटे कार्यों के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। जिलाधिकारी लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर अनावश्यक विलंब के लिए जिम्मेदारी तय करें।
जिला योजना के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों को समय पर पूरा करने और उपलब्ध धनराशि का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य केवल बजट खर्च करना नहीं, बल्कि उनका लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना है।
संज्ञेय अपराधों में तत्काल एफआईआर के निर्देश
कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि थाने और चौकियों में शिकायत लेकर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की बात गंभीरता से सुनी जाए। संज्ञेय अपराधों के मामलों में नियमानुसार तत्काल एफआईआर दर्ज कर प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने अपराध नियंत्रण, रात्रि गश्त, जनशिकायतों के निस्तारण और संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी बढ़ाने को कहा।
आगामी नवरात्र और दीपावली को देखते हुए बाजारों, मंदिरों, धार्मिक स्थलों तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने, पार्किंग और यातायात प्रबंधन की अग्रिम व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए। महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
ऑपरेशन कालनेमि और सत्यापन अभियान में आएगी तेजी
मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन कालनेमि और सत्यापन अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संदिग्ध गतिविधियों और आपराधिक तत्वों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए। मसूरी, नैनीताल, हरिद्वार और ऋषिकेश सहित प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों के लिए पहले से यातायात योजना तैयार करने, वैकल्पिक मार्गों और पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा अतिक्रमण पर प्रभावी कार्रवाई करने को भी कहा गया।
कुंभ-2027 की तैयारियों की हर सप्ताह समीक्षा
हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ-2027 की तैयारियों को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। सड़कों, पुलों, घाटों, पेयजल, सीवरेज, स्वास्थ्य सुविधाओं और पार्किंग से जुड़ी परियोजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को कुंभ क्षेत्र में पूर्ण हो चुके विकास कार्यों और सुविधाओं का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। परियोजनाओं में देरी होने पर कारणों का तत्काल समाधान करने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने को कहा गया। पूर्ण हो चुके कार्यों और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी फोटो, वीडियो और तथ्यात्मक विवरण के साथ मीडिया तथा डिजिटल माध्यमों से साझा करने के निर्देश भी दिए गए।
आपदा प्रभावितों को तत्काल राहत देने पर जोर
मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत, भोजन, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सुविधाएं और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को सहायता के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े और अधिकारी स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों की निगरानी करें।
पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों और एएनएम की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा स्वास्थ्य वैन को निर्धारित रोस्टर के अनुसार संचालित करने के निर्देश दिए।
भालू-तेंदुए के हमलों पर नियंत्रण के लिए बनेगी कार्ययोजना
मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने भालू और तेंदुए के हमलों को रोकने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी, जनजागरूकता और सुरक्षा उपायों को मजबूत बनाने तथा वन्यजीवों के हमलों से प्रभावित परिवारों को नियमानुसार शीघ्र मुआवजा देने को कहा।
हर 15 दिन में जनपदों का भ्रमण करेंगे प्रभारी सचिव
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि संबंधित प्रभारी सचिव प्रत्येक 15 दिन में आवंटित जनपद का भ्रमण कर विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं, जनसुविधाओं और कानून-व्यवस्था की समीक्षा करें। समीक्षा के दौरान विकासखंडवार प्रगति का आकलन कर समस्याओं और बाधाओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के अंतर्गत पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल करने और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने अंत में अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पूरी प्रतिबद्धता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाही और जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में गृह सचिव, गढ़वाल एवं कुमाऊं मंडल के आयुक्त, दोनों पुलिस परिक्षेत्रों के पुलिस महानिरीक्षक, प्रदेश के सभी जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

