टिहरी बांध प्रभावित गांवों में भवन नक्शा स्वीकृति नियम पर पुनर्विचार की मांग
टिहरी गढ़वाल। टिहरी बांध प्रभावित क्षेत्रों में भवन निर्माण के लिए नक्शा स्वीकृति को अनिवार्य किए जाने के निर्णय को लेकर भारतीय जनता पार्टी टिहरी गढ़वाल के जिला संयोजक अक्षत पवन बिजल्वाण ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर नियमों पर पुनर्विचार की मांग की है। मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में अक्षत पवन बिजल्वाण ने कहा है कि जिला प्रशासन टिहरी गढ़वाल द्वारा 21 अगस्त 2026 को जारी पत्र के माध्यम से टिहरी विशेष क्षेत्र पर्यटन विकास प्राधिकरण (TADA) के अंतर्गत आने वाले गांवों में भवन निर्माण के लिए नक्शा स्वीकृति को आवश्यक किया गया है।
पत्र में बताया गया है कि टिहरी जिले के 47 तथा उत्तरकाशी जिले के 21 गांव इस व्यवस्था के दायरे में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित गांव टिहरी, प्रतापनगर, धनोल्टी, चंबा और घनसाली विधानसभा क्षेत्रों के अंतर्गत आते हैं। नक्शा स्वीकृति की अनिवार्यता से ग्रामीणों में असंतोष और आक्रोश की स्थिति उत्पन्न होने की बात पत्र में कही गई है। अक्षत पवन बिजल्वाण ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मामले को क्षेत्रीय भावनाओं और ग्रामीणों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा जिला प्रशासन टिहरी और टाडा को उक्त नियम पर पुनर्विचार अथवा उसे निरस्त करने के संबंध में निर्देशित किया जाए।
पत्र की प्रतिलिपि टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय और जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल को भी भेजी गई है।
