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टिहरी झील बनेगी विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र : मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने मास्टर प्लान तैयार करने के सख्त निर्देश दिए

देहरादून : उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने टिहरी झील को वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में चमकाने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाने के निर्देश जारी किए हैं। सोमवार को सचिवालय में आयोजित उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की महत्वपूर्ण बैठक में उन्होंने टिहरी झील और उसके आसपास के क्षेत्रों के लिए विस्तृत मास्टर प्लान तैयार करने पर जोर दिया, ताकि भारत सरकार को मजबूत प्रस्ताव भेजा जा सके।

मुख्य सचिव ने सचिव पर्यटन को अनुभवी कंसल्टेंट की नियुक्ति कर मास्टर प्लान तैयार करने और उसके आधार पर अवस्थापना सुविधाओं की योजनाओं को अमल में लाने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि टिहरी झील को ग्लोबल डेस्टिनेशन बनाने के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं जरूरी हैं, जिसमें रिंग रोड का त्वरित निर्माण प्रमुख है। लोक निर्माण विभाग को रिंग रोड परियोजना में गति लाने के निर्देश देते हुए बर्धन ने स्पष्ट किया कि इससे अन्य विकास कार्यों को बल मिलेगा।

इसके अलावा, सी-प्लान योजना के तहत रिंग रोड पर कम से कम दो हेलीपैड स्थापित करने की व्यवस्था पर जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने सचिव वित्त, पर्यटन, नागरिक उड्डयन और झील निर्माण से समन्वय स्थापित कर परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने को कहा। उन्होंने ऋषिकेश के मुनि की रेती तथा लोहाघाट-चंपावत के पर्यटन विकास प्रस्तावों को भी शीघ्र अंतिम रूप देने के निर्देश दिए, ताकि सभी योजनाएं मास्टर प्लान के साथ केंद्र को समय पर भेजी जा सकें।

ये कदम उत्तराखंड के पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं, खासकर सतत, समावेशी और जलवायु-अनुकूल विकास पर फोकस के साथ। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि टिहरी झील एशिया की सबसे बड़ी कृत्रिम झील होने के नाते वैश्विक पर्यटकों को आकर्षित करने की अपार क्षमता रखती है। बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, श्रीधर बाबू अदांकी, अपर सचिव अभिषेक रोहेला, गिरधारी सिंह रावत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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