टिहरी: बिना अनुमति श्रमिक कल्याण शिविर पर डीएम टिहरी की सख्त कार्यवाही
टिहरी। टिहरी गढ़वाल की जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के नाम पर बिना सक्षम स्वीकृति और जिला प्रशासन तथा श्रम विभाग की अनुमति के आयोजित किए गए श्रमिक कल्याण शिविर के मामले में कड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी ने इस पूरे प्रकरण को गंभीर मानते हुए श्रम विभाग, उत्तराखंड शासन के सचिव को विस्तृत पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि संबंधित निजी फर्म/वेंडर ने 2 अगस्त 2026 को श्रमिक कल्याण शिविर आयोजित किया था। शिविर में किट वितरण की व्यवस्था अव्यवस्थित रही, जबकि भ्रामक सूचनाओं के कारण बड़ी संख्या में श्रमिक बौराड़ी स्टेडियम पहुंच गए। इससे श्रमिकों और आमजन में असंतोष फैल गया तथा मौके पर कानून एवं व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो गई।
मामले की जांच उपजिलाधिकारी टिहरी कमलेश मेहता से कराई गई। जांच रिपोर्ट में संबंधित निजी फर्म के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही करने और उसे ब्लैकलिस्ट किए जाने की संस्तुति की गई है। जिलाधिकारी ने शासन को भेजे गए पत्र में सुझाव दिया है कि भविष्य में श्रमिक कल्याण शिविर न्याय पंचायत स्तर पर जिला प्रशासन के समन्वय से आयोजित किए जाएं।
साथ ही शिविरों की पूर्व सूचना ग्राम प्रधानों और जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए, ताकि पात्र श्रमिकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से पहुंच सके। इसके अलावा जनपद में श्रम विभाग के कार्यों को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों और श्रम प्रवर्तन अधिकारी द्वारा संतोषजनक कार्यवाही न किए जाने पर जिलाधिकारी ने उनका वेतन अगले आदेश तक रोकने के निर्देश भी जारी किए हैं।
जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने स्पष्ट किया कि भविष्य में श्रमिक कल्याण से संबंधित किसी भी शिविर का आयोजन केवल सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति और जिला प्रशासन के समन्वय से ही किया जाएगा, ताकि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ पारदर्शी, व्यवस्थित और बिना किसी भ्रम के मिल सके।
