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आस्था के पर्व में पीएम मोदी का संदेश: तीर्थयात्रियों से पांच संकल्प अपनाने की अपील

नई दिल्ली/देहरादून। Narendra Modi ने चारधाम यात्रा के शुभारंभ पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर जारी अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड आने वाले तीर्थयात्रियों से पांच महत्वपूर्ण संकल्पों को अपनाने की अपील की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देवभूमि Uttarakhand में चारधाम यात्रा का आरंभ भारत की सनातन सांस्कृतिक चेतना का भव्य उत्सव है। Kedarnath Temple सहित चारों धाम सदियों से आस्था, विश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा के केंद्र रहे हैं। उन्होंने स्मरण कराया कि Adi Shankaracharya, Ramanujacharya और Madhvacharya जैसे महान आचार्यों ने इन पवित्र स्थलों की यात्राओं से भारतीय संस्कृति को नई दिशा प्रदान की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हिमालय की गोद में स्थित ये धाम ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को सशक्त करते हैं, जहां देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु आकर सांस्कृतिक एकता का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।

विकसित भारत में उत्तराखंड की अहम भूमिका

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि विकसित भारत के संकल्प में उत्तराखंड की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि राज्य ने बीते वर्षों में पर्यटन, आध्यात्मिकता और आर्थिक विकास के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। चारधाम यात्रा को अधिक सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए निरंतर कार्य किए गए हैं।

उन्होंने तीर्थयात्रियों से अपील की कि वे अपनी यात्रा के दौरान “डिजिटल उपवास” अपनाएं, ताकि वे उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक वातावरण को गहराई से अनुभव कर सकें।

तीर्थयात्रियों के लिए प्रधानमंत्री के पांच संकल्प

1. स्वच्छता सर्वोपरि, धाम और आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखें। नदियों की पवित्रता बनाए रखने में योगदान दें और सिंगल यूज प्लास्टिक से दूर रहें।

2. पर्यावरण संरक्षण का संकल्प, हिमालयी पारिस्थितिकी के प्रति संवेदनशील बनें। ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियानों से प्रकृति संरक्षण में योगदान दें।

3. सेवा, सहयोग और एकता, तीर्थयात्रा के दौरान सेवा भाव रखें, सहयात्रियों की सहायता करें और विभिन्न संस्कृतियों से जुड़े लोगों के साथ संवाद बढ़ाएं।

4वोकल फॉर लोकल, यात्रा के दौरान स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दें और अपने खर्च का एक हिस्सा स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में लगाएं।

5. अनुशासन और सुरक्षा, यात्रा नियमों और यातायात निर्देशों का पालन करें तथा एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करें।

प्रधानमंत्री ने कंटेंट क्रिएटर्स और इंफ्लूएंसर्स से भी अपील की कि वे उत्तराखंड की स्थानीय परंपराओं, संस्कृति और कहानियों को व्यापक स्तर पर साझा करें, ताकि देश-विदेश में इसकी पहचान और मजबूत हो सके।

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