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क्रिकेट एसोसिएशन के खिलाफ CBI कदम पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, बड़ी राहत

नई दिल्ली/देहरादून: एक महीने पहले प्रदेश भर में सुर्खियां बनीं कि अब क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के खिलाफ सीबीआई का दरवाज़ा खुल गया है। आज सुप्रीम कोर्ट ने उस पर ब्रेक लगा दिया। एसोसिएशन पर लगे आरोपों की पुलिस पहले ही जांच कर चुकी थी। उस जांच से संतुष्ट न होकर शिकायतकर्ता ने हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया, और हाईकोर्ट ने सीबीआई से आरोपों की पड़ताल करने को कह दिया।

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आज उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने एसोसिएशन की याचिका पर नोटिस जारी किया और हाईकोर्ट के सीबीआई वाले निर्देश पर रोक लगा दी। एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ता विदुषी पांडेय ने पैरवी की। एसोसिएशन ने आदेश का स्वागत करते हुए न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा भरोसा जताया।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर पूर्व उपाध्यक्ष बीसीसीआई माहिम बर्मा ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, “सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश न केवल क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के लिए राहत की बात है, बल्कि सत्य और न्याय की जीत भी है। पिछले कई वर्षों से आधारहीन और बेबुनियाद आरोपों के कारण एसोसिएशन की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जाता रहा है। पुलिस जांच में कोई अनियमितता नहीं पाई गई थी, फिर भी बार-बार कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया।

आज सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के सीबीआई निर्देश पर रोक लगाकर सही दिशा दिखाई है। एसोसिएशन हमेशा से न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा विश्वास रखती आई है और आगे भी रखेगी। अब हमारा पूरा ध्यान उत्तराखंड में क्रिकेट के विकास, खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने और राज्य को क्रिकेट के नक्शे पर मजबूती से स्थापित करने पर केंद्रित रहेगा। मैं एसोसिएशन की ओर से पैरवी करने वाली अधिवक्ता विदुषी पांडेय का भी आभार व्यक्त करता हूं।”

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