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केदारनाथ यात्रा: घोड़े – खच्चरों की मौत बनी चिंता का सबब, 23 दिनों में 400 से ज्यादा घोड़े-खच्चरों की मौत

RUDRAPRAYAG : केदारनाथ यात्रा में इस बार श्रद्धालुओं के आने के सभी रिकॉर्ड टूट रहे हैं।  इसी दौरान लगातार यात्रियों की मौतें भी हो रही हैं। सरकार का दावा है कि केदारनाथ यात्रा में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त है। लेकिन सरकार के इन दावों की पोल लगातार खुलती जा रही है।

केदारनाथ में मात्र 23 दिनों में 400 से ज्यादा घोड़े – खच्चरों की मौत हो चुकी है। केदारनाथ में यहां वहां घोड़े – खच्चरों की लाशें पड़ी दिखाई दे रही हैं। इन बेजुबानों के लिए न उनके मालिक सोचते हैं और ना ही सरकार। यह घोड़े – खच्चर रोजाना केदारनाथ की चढ़ाई करते हैं। वो बोझा ढोते हैं और क्षमता से ज्यादा कार्य कर रहे हैं और इसके बाद ठीक से खाना और पानी ना मिलने के कारण मर जाते हैं। बाबा केदार के पवित्र धाम को भी कारोबारियों ने पैसा कमाने का धंधा बना लिया है। यहां जानवरों की जान का भी व्यापार किया जा रहा है। जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ 23 दिनों में 400 से ज्यादा घोड़े-खच्चरों की मौत हो गई है।

जांच में इनकी मौत का कारण तीव्र पेट दर्द पानी की कमी बर्फीला पानी पीने  और क्षमता से ज्यादा कार्य करने के कारण हो रही हैं। यात्रा मार्ग उच्च हिमालयी क्षेत्र में होने के कारण यहां घोड़े – खच्चर को केवल गर्म पानी ही दिया जाता है। लेकिन पैदल मार्ग के पड़ावों पर गीजर की व्यवस्था ना होने के कारण उनके लिए गर्म पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। जिससे बेजुबानों की पानी की कमी के कारण मौत हो रही है।

केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग में रोजाना 5 से 6 हजार घोड़ा खच्चर की आवाजाही होती है। यात्रा में लगभग 40% श्रद्धालु इनसे ही केदारनाथ पहुंचते हैं। इसके अलावा सामान ढोने के लिए भी घोड़े खच्चर का ही प्रयोग किया जाता है।

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