हरिद्वार : गुरु रविदास जन्मोत्सव पर भाजपा कार्यालय में समरसता का संदेश, मोदी सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा
हरिद्वार : परम पूज्य संत शिरोमणि गुरु रविदास (Saint Shiromani Guru Ravidas) के 649वें जन्मोत्सव पर भाजपा जिला कार्यालय में एक भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। प्रदेश उपाध्यक्ष अनुसूचित जाति मोर्चा एवं कार्यक्रम प्रभारी मास्टर सत्यपाल सिंह के नेतृत्व में तथा जिला अध्यक्ष अनुसूचित जाति मोर्चा तेलूराम प्रधान की अध्यक्षता में हुई इस संगोष्ठी में समाज में समरसता और समानता के संदेश को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।
मुख्य वक्ता पूर्व विधायक एवं दर्जाधारी मंत्री (समाज कल्याण) देशराज कर्णवाल ने कहा कि गुरु रविदास ने सदियों पहले समाज को एकजुट करने का दिव्य संदेश दिया था। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए बताया कि मोदी सरकार ने सागर में गुरु रविदास के नाम पर 100 करोड़ रुपये की लागत से भव्य मंदिर का निर्माण कराया, वहीं पंजाब में हाल ही में गुरु रविदास एयरपोर्ट का उद्घाटन किया गया।
“यह कदम रविदास जी के समरसता के संदेश को साकार करता है,” कर्णवाल ने जोर देकर कहा। प्रदेश उपाध्यक्ष मास्टर सतपाल सिंह ने बताया कि इस बार भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने पूरे देश में प्रदेश, जिला, नगर, गांव और बस्ती स्तर पर जन्मोत्सव मनाने के निर्देश जारी किए हैं, ताकि रविदास जी का संदेश हर कोने तक पहुंचे। जिला महामंत्री भाजपा एवं एससी मोर्चा प्रभारी हीरा बिष्ट ने कहा, “गुरु रविदास किसी एक जाति या धर्म के नहीं, बल्कि सर्वसमाज के गुरु थे।
क्षत्रिय वंश की मीराबाई उनकी अनन्य भक्त थीं, जो उनकी महानता का प्रमाण है।” जिला अध्यक्ष तेलूराम प्रधान ने गुरु रविदास के प्रसिद्ध दोहे का उल्लेख करते हुए कहा, “ऐसा चाहू राज में, जहां मिले सबन को अन्न। छोटे-बड़े सब सम बसें, रविदास रहे प्रशन्न।” उन्होंने समाज को एकजुट होकर समरसता की राह पर चलने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में प्रदेश मंत्री अनुसूचित जाति मोर्चा संजीव कुमार, एससी आयोग सदस्य विशाल मुखिया, प्रदेश उपाध्यक्ष अल्पसंख्यक मोर्चा राव जमीर, ओबीसी मोर्चा प्रदेश प्रवक्ता संदीप सिंघानिया, गुरु रविदास विश्व महापीठ प्रदेश अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मेंद्र कुमार, जिला मंत्री अमरीश सैनी, मंडल अध्यक्ष राजेंद्र कटारिया, योगेश पाल रवि, जिला महामंत्री राजवीर कलानिया, प्रिंस लोहाट, जिला कार्यालय प्रभारी लक्ष्मण सिंह नागर, अंशु कुमार, विशाल राठौर, मांगेराम, नसीम सलमानी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। संगोष्ठी ने न केवल धार्मिक उत्साह जगाया, बल्कि सामाजिक एकता का मजबूत संदेश भी दिया।
