रुद्रप्रयाग में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ को बल मिलेगा : राज्यमंत्री मधु
रुद्रप्रयाग : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महिला मोर्चा रुद्रप्रयाग के तहत गुरुवार को ‘बजट पर महिला संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर केंद्र सरकार के नवीनतम बजट को महिलाओं के लिए ‘आत्मनिर्भरता का मील का पत्थर’ बताते हुए वक्ताओं ने इसे ग्रामीण-शहरी महिलाओं की प्रगति का आधार बनाया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं राज्यमंत्री श्रीमती मधु भट्ट ने कहा कि यह बजट न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर, सुरक्षित और सशक्त बनाने वाला है, बल्कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसी योजनाओं को नई गति भी देगा।
उन्होंने बताया कि बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वरोजगार, स्वयंसहायता समूहों को आर्थिक सहायता, ग्रामीण आजीविका मिशन और मातृ-बाल कल्याण योजनाओं पर विशेष जोर दिया गया है। इससे उत्तराखंड की पहाड़ी महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और वे विकास प्रक्रिया की मुख्य धुरी बनेंगी। केदारनाथ विधायक एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती आशा नौटियाल ने संबोधन में कहा, “यह बजट महिलाओं को महज लाभार्थी नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की सशक्त साझेदार बनाने का ऐतिहासिक कदम है। प्रदेश स्तर पर इन प्रावधानों से आर्थिक स्वावलंबन सुनिश्चित होगा।”
जिला प्रभारी श्री सतीश लखेड़ा ने जोर देकर कहा कि सरकार ने महिला केंद्रित योजनाओं से सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन को प्राथमिकता दी है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पूनम कठैत ने स्वयंसहायता समूहों, महिला मंगल दलों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए बजटीय प्रावधानों की सराहना करते हुए कहा कि इससे गांव-गांव तक आर्थिक सशक्तिकरण पहुंचेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष श्रीमती सुमन जमलोकी ने कीं। उन्होंने बताया कि मोर्चा निरंतर महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ रहा है, ताकि हर हकदार को लाभ मिले।
लगभग 250 महिलाओं ने इसमें शिरकत की, जिनमें ग्राम प्रधान, महिला मंगल दल सदस्य, स्वयंसहायता समूह प्रतिनिधि, आशा-अंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं और विभिन्न संगठनों से जुड़ी महिलाएं शामिल रहीं। इसके अलावा, नगर पंचायत तिलवाड़ा अध्यक्ष विनीता देवी, जिला पंचायत सदस्य निर्मला बहुगुणा, किरण देवी, जिला महामंत्री अरुण चमोली, राय सिंह राणा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने स्थानीय स्तर पर बजट के महिला-केंद्रित पहलुओं पर जागरूकता फैलाई।
